Demat Account Guide (Hindi) – डीमैट खाता क्या हैं और इसे कम Cost पर कैसे खुलवाए|

#1 क्या होता है डीमैट खाता – What is a Demat Account

Top Demat Account मतलब होता है “डिमटेरियलाइजेशन” जो प्रतिभूतियो को डिजिटल रूप प्रदान कर जमा करने, ट्रान्सफर करने और सुरक्षित रूप से स्टोर करने का एक जरिया है| इसका हिंदी में अर्थ होता है “कागजी कार्यवाही से मुक्त करना” सरल शब्दों में कहै तो जिस तरह से पैसो को शुरक्षित रखने के लिए और उसके Transaction के लिए एक Bank Account की जरुरत होती है, वैसे ही Shares को Digitally Secure रखने के लिए और उनके लेने-देन के लिए एक Demat Account की आवश्यकता होती है|

SEBI ने यह साफ़ तोर पर कहाँ है की Demat Account को छोड़कर कोई भी व्यक्ति भारत में किसी अन्य तरीके से Shares का Transaction नहीं कर सकता है| भारत में इसके लिए दो डिपॉजिटरी मौजूद है – पहला है NSDL यानी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड और दूसरा है – CDSL यानी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड इन दोनों के द्वारा ही अलग-अलग प्रकार के शेयर आयोजित किए जाते हैं|

तो यह Shares को Electronic रूप से रखने की प्रक्रिया है, अगर आपको Shares खरीदने है या बेचने है या उनका किसी भी प्रकार का लेनदेन करना है, इसके आलावा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आदि में भाग लेना चाहते है तो आपके पास एक Demat Account होना अनिवार्य है|

 

डीमैट खाते की क्या आवश्यकता है – Necessity of Demat Account

अगर शेयर बाजार में प्रतिभूतियों (Securities) जैसे – Shares, Debentures, Bond आदि में Invest करना चाहते है या उनका लेनदेन करना चाहते है तो आपके पास दो तरह के खाते होने चाहिए| पहला Trading Account जिससे आप शेयर्स का लेनदेन कर सके, यह एक तरह से Transaction करने के लिए एक ID के रूप में काम करता है और दूसरा Demat Account जिससे माध्यम से आप अपने Shares को Securely Store कर सके|

पहले Share Market में व्यवहार के लिए आपके पास डीमैट खाता होना जरुरी नहीं था, क्योकि सारा काम कागजी होता था| लेकिन अब यह पूरी तरह से Online और आसान हो गया है, अब आप एक Demat Account खुलवाकर कही से भी बिना कागजी कार्यवाही के Shares का लेनदेन कर सकते है| आज Market में कई सारी Top कम्पनिया है जिससे आप कम चार्जेज में अपना Demat Account & Tranding Account खुलवा सकते है|

 

डीमैट खाते के लाभ – Benefits of Demat Account

Demat Account ने एक तरह से शेयर मार्केट के काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है और मैन्युअल प्रक्रिया को समाप्त करते हुए, शेयर्स के लेनदेन की प्रक्रिया को Secure and Easy बनाया है| इसके साथ ही Demat Account ने बाजार को कई सारे फायदे पहुंचाए है –

  • डिजिटिकरण (Digitization) – डीमेट अकाउंट ने शेयर मार्केट की कार्य प्रणाली को पूरी तरह बदलते हुए Digital कर दिया है, यह आपको Online ही शेयर्स का Transaction और Store करने की आजादी देता है|
  • कम लागत (Low Cost) – आप Demat Account बहुत ही कम Cost के साथ आसानी से खोल सकते है और प्रतिभूतियो में व्यवहार कर सकते है| कई सारी ऐसी कंपनिया है जो आपको कुछ ही घंटो में बिना शुल्क के साथ Demat Account की सुविधा प्रदान करती है|
  • आसान (Easy) – आप एक ही Demat Account से कई प्रकार की अलग-अलग प्रतिभूतियो (Securities) खरीद और बेच सकते है| कोई नई प्रतिभूति के लिए नए डीमेट खाता की जरुरत नहीं है यह आपके लेनदेन को आसान बनाता है|
  • ऑटो अपडेट (Auto Update) – जब भी आप Share/Debenture या अन्य Securities का लेनदेन करते हैं तो आपके डीमैट खाते की Details Automatically तीसरे पक्ष के साथ शेयर हो जाती हैं और आपका खाता ऑटो अपडेट हो जाता हैं|
  • सुरक्षित प्रक्रिया (Secure Process) – देखा जाए तो Demat Account प्रतिभूतियो के सुरक्षित Storage की सुविधा है, जो डुप्लिकेट शेयर, चोरी, गलत वितरण, धोखाधड़ी आदि से बचाता है|
  • कागजी कार्यवाही (Paper less) – यह Paper Work को कम करता है और शेयर्स को डिजिटल रूप में जमा और ट्रान्सफर करने की सुविधा प्रदान करता है|
  • No Stamp Duty – जब आप हस्तांतरण करते है तो उस पर आपको कोई स्टांप ड्यूटी नहीं चुकानी पड़ती|
  • Transfer Deed – और लेनदेन के समय आपको कोई हस्तांतरण विलेख देने की आवश्यक नहीं होता है|

 

डीमैट खाता कैसे काम करता है – How does a Demat Account work

यह दो तरह से काम करता है| सबसे पहले तो जब आप शेयर्स का लेनदेन करते है तो उसके लिए Trading Account की आवश्यकता होती है| Trading Account मतलब होता है एक तरह की Trading id जिसकी मदद से आप किसी भी अन्य होल्डर से लेनदेन कर सकते है| जब आप शेयर्स खरीदते है तो आपको अपना ट्रेडिंग आईडी देना पड़ता है जिसके दौरान आपके Demat Account से जुड़े बैंक खाते से पैसे कट जाते है और आपके Demat Account में शेयर्स आ जाते है| उसी प्रकार जब आप शेयर्स को बेचते है तो आपके बैंक खाते में पैसे आ जाते है और Demat Account से शेयर्स कम हो जाते हैं|

इसमे आपको हर Transaction पर एक Fix % का Brokerage देना पड़ता है| Brokerage कितना होगा, यह उस बात पर निर्भर करता है की आपने किस कम्पनी से अपना Demat & Trading Account खुलवाया है| क्योकि यह पूरी तरह इलेक्ट्रोनिक होने के कारण बहुत ही आसान और सुरक्षित है, जिसके द्वारा आप दुनिया के किसी भी कौने से शेयर्स या स्टॉक का लेनदेन बस कुछ ही मिनटों में कर सकते है| अब अगर आप कम Fees और Charges के साथ अपना Demat & Trading Account खुलवाना चाहते है तो आपको पता करना होगा की वे कौनसी Top कम्पनिया है जो भारत में सबसे कम कीमत पर डीमेट और ट्रेडिंग खाते खोलती है|

पढ़े – Top 10 Demat & Trading Account – कम चार्जेज के साथ खोले अपना खाता|

 

#2 डीमैट खाता खोलने की पूरी प्रक्रिया – Process to open a Demat Account

सामान्यतह इस क्षेत्र की कंपनिया Demat और Trading दोनों Account एक साथ ही खोल देती है, बस आपके पास होने चाहिए सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स और Guidance. आप नीचे दी गई बातो को ध्यान में रखते हुए आपना डीमेट और ट्रेडिंग खाता बहुत ही आसानी से खुलवा सकते है –

  • इसके लिए आपको मान्यता प्राप्त Depository Participant या शेयर ब्रोकर्स या अपने Bank में संपर्क करना होगा| डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट की जानकारी के लिए आप NSDL और CDSL की Official Website पर जा सकते है|
  • ब्रोकर्स से बात करने के बाद आपको Documents के लिए – 2 फोटो, पैन कार्ड, आवास प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और Bank Account Details आदि देने होंगे|
  • Fees की बात करे तो आज कल Demat Account के लिए बहुत ही कम Cost लगती है, कई ऐसी कम्पनिया है जो ट्रेडिंग और डीमेट खाता बिना किसी शुल्क के खोलती है| इसकी अधिक जानकारी के लिए ऊपर इसका (Top 10 D&T Account) का link दिया गया है, आप उस पर जाकर इसकी पूरी जानकरी प्राप्त कर सकते है|
  • सारी Details देने के बाद वह ब्रोकर्स या बैंक आपका Demat Account खोल देंगे| डीमेट खाता खुलने के बाद आपको Account Number और Id Number मिलेगा यह दोनों नंबर आपको लेन-देन के समय काम आएँगे|
  • एक डिमैट खाता बिना किसी शेयर के खोला जा सकता है| इसमे किसी न्यूनतम राशि को बनाए रखने की आवश्कता नहीं होती है और आपके खाते में शून्य राशि भी हो सकती है|

 

डीमैट खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज – Documents required for opening a Demat Account

डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आपको 2 तरह के Documents की जरुरत होगी –

1 पहचान प्रमाण (Identity Proof) जिसके लिए आप इनमें से किसी को भी Document को चुन सकते है –

  1. पैन कार्ड (PAN Card),
  2. आधार कार्ड (AADHAR Card),
  3. मतदाता पहचान पत्र (Voter id Card),
  4. पासपोर्ट (Passport),
  5. ड्राइवर लाइसेंस (Driving Licence),
  6. बैंक सत्यापन (Bank Verification),
  7. आईटी रिटर्न (Income Tax Return),
  8. बिजली/लैंडलाइन फोन का बिल (Electricity/Telephone Bill),
  9. आवेदनकर्ता का फ़ोटो वाला ID Card निम्नलिखित के द्वारा जारी किया गया हो :-
  • केंद्र/राज्य सरकार और उसके विभाग
  • संवैधानिक/विनियामक प्राधिकारी
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
  • सार्वजनिक वित्तीय संस्थाएं
  • विश्वविद्यालय से संबद्द कॉलेज (इसे तब तक ही मान्य समझा जाएगा जब की आवेदक छात्र हो) और
  • व्यावसायिक निकाय जैसे कि आईसीएआई , आईसीडब्ल्यूएआई , आईसीएसआई, आदि द्वारा|

 

2 एड्रेस प्रूफ (Address Proof) जिसके लिए आप इनमे से किसी एक Document को चुन सकते है –

  1. राशन कार्ड (Rashan Card),
  2. आधार कार्ड (AADHAR Card),
  3. पासपोर्ट (Passport),
  4. मतदाता पहचान पत्र (Voter id Card),
  5. ड्राईविंग लाइसेंस (Driving Licence),
  6. बैंक पासबुक/बैंक विवरण (Bank Details),
  7. इनकी सत्यापित प्रति (Verification Copy),
  8. बिजली बिल (Electricity Bill)- जो दो महीन से अधिक पुराना नहीं|
  9. निवास का टेलीफ़ोन बिल (Telephone Bill) – दो महीने से अधिक पुराना नहीं और
  10. लीव-लाइसेंस अनुबंध/बिक्री के लिए अनुबंध (Agreements)
  11. हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा उनके स्वयं के खाते के संबंध में नया पता प्रदान करते हुए, स्व घोषणा.
  12. पहचान पत्र/पते के साथ दस्तावेज़, इनके द्वारा जारी किए गए होने चाहिए –
  • केंद्र/राज्य सरकार और उसके विभाग
  • संवैधानिक/विनियामक प्राधिकारी
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
  • सार्वजनिक वित्तीय संस्थाएं
  • विश्वविद्यालय से संबद्द कॉलेज – (इसे तब तक ही मान्य समझा जाएगा जब तकि कि आवेदक छात्र हो)
  • व्यावसायिक निकाय जैसे कि आईसीएआई , आईसीडब्ल्यूएआई , आईसीएसआई, बार काउंसिल आदि|
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नामांकन -(Nomination) 

आप खाता खोलने के फ़ॉर्म में नामांकन विवरण भरकर अपनी पंसद के नामित व्यक्ति का नाम भर सकते हैं, इससे डीमैट खाता धारक की मुत्यु के पश्चात नामित व्यक्ति प्रतिभूतियों को प्राप्त करने का हकदार होगा|

डीमेट खाते के चार्जेज – Demat Account Fees

डीमेट अकाउंट खोलने के लिए आपको कुछ निश्चित शुल्क देना होता है। यह शुल्क प्रमुख मदों में विभाजित है: –

  • वार्षिक रखरखाव शुल्क (Annual maintenance fee),
  • संरक्षक शुल्क (Guardian’s fees) और 
  • लेनदेन शुल्क (Transaction fee)

ध्यान रखने योग्य कुछ जरुरी बातें – (Some important things to keep in mind)

  • खाते के रख-रखाव के लिए आपको DP (डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट) या एजेंट/ब्रोकर को सालाना 200 – 500 रुपये Fees दिनी होगी| डिपाजिटरी प्रतिभागी 5 दिन के अंदर डिलीवरी स्लिप बुक देता है, जो डीमैट के चेक बुक के जैसी होती है| खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए सरकार ने बिना वार्षिक शुल्क वाले डीमैट खाते की सुविधा शुरू की है|
  • डीमैट खाता खुलने के दौरान एग्रीमेंट साइन कराने के लिए कंपनी की ओर से एक एजेंट आता है| एग्रीमेंट में लिखी शर्तों को ध्यान से पढ़ कर ही एग्रीमेंट साइन करें|
  • आपको आम तौर पर एक SEBI Registered Intermediary का चयन करना चाहिए| जो 2 in 1 खाते उपलब्ध करवाता है यानी डीमैट खाता और ट्रेडिंग खाता दोनों एक साथ प्रदान करता है| इससे खातों के लेनदेन और संचालन में काफी आसानी हो जाती है|
  • भारत में दो डिपॉजिटरी हैं| जिनके विभिन्न डिपॉजिटरी प्रतिभागियों या ब्रोकर्स के माध्यम से Demat Account की सुविधा दी जाती हैं-
  1. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National securities Depository Limited) (NSDL)
  2. सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (Central depositories Services Limited) (CDSL)

 

निम्न गाइड्स आपके निवेश में मदद करेंगे – 

10 thoughts on “Demat Account Guide (Hindi) – डीमैट खाता क्या हैं और इसे कम Cost पर कैसे खुलवाए|

  1. very nice and helpful article. Aapne demate account ke baare me bahut hi acche tarike se samjhaya hai. Thanx for share this article.

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