इंट्रा डे कैसे शुरू करे? (Day Trading Guide For Beginners Hindi)


Intraday Trading शेयर मार्केट सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला टर्म है, क्योकि यह एक इंटरेस्टिंग टॉपिक है|

अगर आप भी Share Market की फिल्ड में नए है और Trading के बारे में जानना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल होने वाली है|

इसमें हम जानेंगे की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है, इसे कैसे शुरू करे और साथ ही इससे पैसे कैसे कमायें जा सकते है|

लेकिन उससे पहले –

Intraday Trading का सच – ⚠⚠⚠

इंट्राडे ट्रेडिंग में केवल 10% लोग ही पैसा कमा पाते है, जबकि 90% लोग अपना पैसा खो देते है|

अगर आप Long-Term Vision, पेशेंस, रिस्क मैनजमेंट के साथ अगले 6 महीने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग में टिक नहीं सकते तो आपको इसमे भूलकर भी एंटर नहीं करना चाहिये|

Intraday Trading Is High Risky

क्योकि यह बहुत ही ज्यादा Risky होता है और यदि आप Low Capital, Low Accuracy और Low Knowledge के साथ Intraday Trading में जाते है तो 95% भी ज्यादा के चांस है की आपका पैसा डूब जाएगा|

इसलिए सबसे पहले इसके बारे जितना ज्यादा हो सके सीखने और समझने की कोशिश करे|

✦ Intraday Trading क्या होती है?

स्टॉक मार्केट में एक ही दिन के अन्दर जब किसी शेयर को Buy और Sell किया जाता है तो उसे Intraday Trading कहा जाता है|

इसमें शेयर्स Same Day ख़रीदने और Same Day बेचने होते है यानी मार्केट बंद होने से पहले आपको अपनी Net Position को 0 करना होता है और मार्केट बंद हो जाने के बाद आपका किसी भी प्रकार का Trade या Transaction बाकी नहीं रहता|

उदाहरण के लिए –

भारतीय शेयर मार्केट हॉलीडेज को छोड़कर सोमवार-शुक्रवार सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक के बीच खुला रहता है, जिसे ट्रेडिंग टाइम कहा जाता है –

अब मोहन जिसने अपने Demat Account से HDFC के 10 शेयर्स को 2,200 की प्राइस में ख़रीदा है तो उसे मार्केट बंद होने यानी 3:30 से पहले उस 10 शेयर्स को बेचना होगा, चाहे उसकी प्राइस जो भी हो|

अब ऐसे में हो सकता ही की प्राइस 2% (₹44) ऊपर चली जाती है –

Stock Price Increase

तो मोहन को प्रॉफिट होगा = ₹440 (₹44*10)

वही अगर प्राइस 2% (₹44) नीचे गिरती है –

Stock Price Decrease

तो मोहन को लोस होगा = ₹440 (₹44*10)

लेकिन उस Trade को उसी दिन Square Off  करना जरुरी हो जाता है|

अगर ऐसा नहीं होता है तो?

यदि मोहन उन ख़रीदे गए 10 शेयर्स को 3:30 PM से पहले Square Off  नहीं करता तो 3:30 PM के 10-20 मिनट पहले Square Off Time पर वे शेयर्स Broker के द्वारा अपने आप बेच दिये जाते है और ट्रेड पूरा कर दिया जाता है|

यह Square Off Time अलग अलग Broker के हिस्साब से कम-ज्यादा हो सकता है|

Square Off Time In Share Market

सामान्यतौर पर यह 3:10 बजे से 3:20 बजे के बीच रहता है, जहाँ ब्रोकर सभी ट्रेड को Square Off कर देता है|

क्या इंट्राडे में पहले ख़रीदना ही जरुरी है?

ऐसा बिलकुल भी नहीं है|

जैसा की मैंने पहले कहाँ की आपको मार्केट बंद होने से पहले अपने पोजीशन को जीरो करना है तो चाहे आप शेयर्स खरीद कर उसे बेचे या फिर पहले बेच कर उसे ख़रीदे|

इसे Intraday Short Selling कहाँ जाता है – जहाँ आप गिरते हुए मार्केट में पहले शेयर्स को हाई प्राइस पर बेचकर, मार्केट क्लोज होने से पहले उसे खरीद लेते है और एक प्रॉफिट बुक कर लेते है|

ऐसा इसलिए किया जा सकता है, क्योकि इंट्राडे ट्रेडिंग में आप शेयर्स की डिलीवरी लिए बिना ट्रेड कर सकते है|

आप दिन में कितनी ही बार इसमें Sell और Buy कर सकते है, लेकिन End of The Day आपको सभी ट्रेड्स को Square Off करना ही होगा|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग किनमें होती है?

अब सवाल आता है की Intraday Trading में क्या-क्या ट्रेड किया जा सकता है|

सामान्यतौर पर इसमें 3 चीजे आती है –

Trading Items

1) Equity

इक्विटी का मतलब होता है = अंश या शेयर

मुख्यरूप से Equity कम्पनी की हिस्सेदारी को प्रदर्शित करता है|

आप किसी भी Listed Company के शेयर्स को आसानी से खरीद और बेच सकते है|

उदहारण के लिए यदि किसी कम्पनी के पास कुल 1 लाख शेयर्स है और आप उनमे से 10 हजार शेयर्स को खरीद लेते है तो आप उस कम्पनी के 10% के हिस्सेदार या मालिक बन जाते है|

2) Commodity

यहाँ कमोडिटी का मतलब है, उन मूल्यवान वस्तुओं से जो एक लिमिटेड मात्रा में ही उपलब्ध है, जैसे –

  • मेटल
  • गोल्ड
  • सिल्वर
  • आयल
  • एग्रो प्रोडक्ट और
  • अन्य चीजे|

साथ ही अगर आप चाहे तो आज की डेट में डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर सकते है|

(अधिक जानकारी के लिए लिंक पर जाए|)

3) Currency

आप कई देशों की करेंसी (मुद्राओं) पर भी ट्रेडिंग कर सकते है|

इसके आलावा आप Rules & Regulations को फोल्लो करते हुए Cryptocurrency जैसे – Bitcoin, Ethereum, XRP, Tether आदि में भी पैसा लगा सकते है|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति (Strategy)

अब समझते है की Intraday Trading Strategy क्या होती है और कौनसे तरीकों से ट्रेड कर सकते है|

देखा जाए तो हर Trader के लिए अलग अलग स्ट्रेटर्जी काम करती है और हर Trader एक नई तरह के रणनीति बनाकर इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकता है|

लेकिन स्टॉक मार्केट में Profit Generate करने के लिए मोस्टली इन Intraday Strategy को Use किया जाता है –

Intraday Trading Strategy Infographic

(Image Created From Infographic Maker)

✦ Intraday Trading कैसे शुरू करे?

अब जानते है की कैसे आप इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू कर सकते है –

हम इसे 4 Part में डिवाइड करते है ताकि आप हर एक पार्ट को आसानी से समझ कर –

Start Intraday Trading in 3 Steps

 

Part 1) ट्रेडिंग सीखे

सबसे पहले आपको Intraday Trading को पूरी तरह सीखना होगा, जिसमे शामिल है –

  • ट्रेंड, चार्ट, टेक्निकल एनालिसिस
  • कई तरह की ट्रेडिंग रणनीति (Strategy)
  • शेयर्स कैसे ख़रीदे और बेचे जाते है?
  • कैसे अच्छे शेयर्स को खोजे और भी बहुत कुछ|

आप यह सभी चीजे हमारे कई पोस्ट द्वारा सीख सकते है, साथ ही आप YouTube या Paid Course से भी इंट्राडे ट्रेडिंग को अच्छी तरह से समझ सकते है|

Part 2) ट्रेडिंग अकाउंट खोले

Intraday के लिए Trading Account की जरुरत होती है, जबकि Actual Delivery लेने के लिए आपको Demat Account खोलना होगा|

इसमें बेस्ट पार्ट यह है की आप इन दोनों अकाउंट को केवल 2 दिन के अन्दर Zerodha में खोल सकते है|

अभी ज़ेरोधा डीमेट अकाउंट में अप्लाई करने लिए लिंक पर जाए –

एक Trading & Demat Account होना इसलिए भी जरुरी है ताकि आप Actual Trade करने से पहले इसकी सभी बारीकियों को अच्छे से समझ सके|

आप चाहे तो अन्य Demat Accounts को Compare करके, अपने लिए बेस्ट चुन सकते है –

Part 3) ऑफलाइन प्रैक्टिस करे

वास्तव में इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू करने से पहले आपको ऑफलाइन ट्रेडिंग की प्रैक्टिस करनी चाहिये|

ऐसा करना इसलिए जरुरी है की अभी तक आपने ट्रेडिंग को केवल समझा है, उसे Practically कभी Try नहीं किया|

तो ऐसे में अगर आप Real Stock Market में उतरेंगे तो 95% से भी ज्यादा चांस है की आपका पैसा डूब जाएगा|

इसी कारण पहले आपको अपनी तेकनीक और एनालिसिस पर काम करते हुए अपनी Accuracy और Risk Management को 70% से ऊपर ले जाना है|

ऑफलाइन ट्रेडिंग प्रक्टिक कैसे करे?

Learn Intraday Trading

आप एक पेन और पेपर की मदद से अपने Ideas और Strategy को ऑफलाइन अप्लाई कीजिये|

उसके बाद देखिये की अगर आप उसे Real Trading में अप्लाई करते तो क्या Result आते|

ऐसा करते-करते आपको अपने Accuracy Level 70% से ऊपर ले जाना है|

Part 4) रियल ट्रेडिंग शुरू करे

अब जब आपका एक्यूरेसी लेवल काफी अच्छा हों गया है तो आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से इंट्राडे शुरू कर सकते है|

Intraday Trading में प्रॉफिट कमानें से भी ज्यादा जरुरी है – अपनी कैपिटल को बचायें रखना|

इसलिए शुरुवात में आपको Low Capital और Stop Loss के साथ जाना है ताकि आप Long term के लिए Survive कर सके|

Investing Related Post –

Stock Market Investment Tips

Mutual Funds में निवेश कैसे करे?

Best Investment Plans – यहाँ करे पैसा इन्वेस्ट और पायें बेहतर रिटर्न

✦ ट्रेडिंग के मुख्य फैक्टर्स

ऊपर जी गई जानकारी में इंट्राडे के बारे में काफी डिटेल्स दी गई है|

लेकिन जब आप असली ट्रेडिंग शुरू करते है तो कई सारी चीजे समझनी पड़ती है, जो एक्चुअल में काम आती है|

नीचे उन्ही फैक्टर्स और टर्म्स को Explain किया गया है –

✧ Limit Order

जब आप किसी शेयर को एक फिक्स्ड प्राइस में बेचना या ख़रीदना चाहते है तो Limit Order ऐसा करने में आपकी मदद करता है|

उदहारण के लिए – आप HDFC के शेयर्स को ₹2345 पर Buy करना चाहते, जिसकी Current Market Price – 2350 चल रही है|

तो ऐसे में आप लिमिट आर्डर का इस्तेमाल कर Buying Price को ₹2345 पर सेट कर देते है और जैसे ही कोई Seller इस प्राइस पर सेल करने के लिए तैयार होता है तो आपका Oder लग जाता है|

✧ Margin/Leverage

मार्जिन या लिवरेज वो अमाउंट होता है जो ब्रोकर द्वारा आपको उधार के रुप में दिया जाता है|

इससे आप कम पूंजी के साथ भी High Volume पर Trade कर सकते है|

असल में यह वही फैक्टर है जो Intraday Trading को Short-Term Trading और Investment से ख़ास बनाता है|

What is Margin

उदहारण के लिए – आप MRF कम्पनी के 50 स्टॉक्स ख़रीदना चाहते है और उसकी करंट मार्केट प्राइस ₹1000 है, लेकिन आपके पास केवल 10 हजार रुपये ही है|

अब ब्रोकर आपको इसमें 3 से 10 गुना तक मार्जिन यानी एक राशि उधार देता है ताकि ₹10,000 की कैपिटल होते हुए भी आप 50,000 (50*₹1000) की ट्रेड कर पाए|

इंट्राडे में यह मार्जिन Market Close होने पर वापस Square Off कर दिया जाता है|

अब सिक्के का दूसरा पहलु की मार्जिन के कारण भी आपकी कैपिटल पूरी तरह खत्म हो सकती है –

जैसे आपने 10,000 की कैपिटल + 90,000 के मार्जिन के साथ = 1 लाख की वैल्यू वाले शेयर्स को ख़रीदा|

अब यदि मार्केट में कोई बड़ा उतार आता है और शेयर 10% गिरता है तो End of The Day Square Off होगा –

1,00,00090,000 (Margin) – 10,000 (10% loss of 1 lakh) = 0

यही करना है की Intraday Trading किसी भी दूसरी ट्रेडिंग से ज्याद Risky है|

✧ Market Order

यह मार्केट में चल रही शेयर्स की करंट प्राइस होती है, जिसमे Buyers और Sellers अपनी-अपनी प्राइस पर शेयर्स खरीदने और बेचने के लिए तैयार रहते है|

आप नीचे दिये गए Nifty के Example से इसे समझ सकते है –

BID and ASK In Stock Market

यहाँ लेफ्ट साइड में Buyers (BID) खरीदने के लिए, जबकि राईट साइड में Sellers (ASK) बेचने के लिए अपने Orders लगाये बैठे है|

अब जैसे ही कोई इनकी प्राइस पर Buy या Sell करने के लिए Ready हो जाता है तो आर्डर लग जाता है और सौदा पूरा हो जाता है|

✧ Stop Loss

जब आप Intraday Trading कर रहे है और Loss ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता|

जिस तरह प्रॉफिट हो सकता है, उसी तरह लोस होने की सम्भावना भी बनी रहती है|

लेकिन High Loss से Capital ख़त्म हो जाती है, इसलिए लोस को कम करने के लिए Stop Loss इसमें एक मुख्य फैक्टर बनता है|

इसकी मदद से आप पहले ही अपने Loss को तय करते हुए – यह पक्का कर लेते है की एक निश्चित मात्रा से अधिक आपको हानि नहीं होगी|

What is Stop Loss

For Example – आपके पास HDFC के 100 शेयर्स है और जिनकी करेंट मार्केट प्राइस ₹500 रुपये है|

अब आपको अपनी Strategy और Idea के आधार पर यहाँ लगता है की आज इसकी प्राइस 2% (10) ऊपर जाएगी|

जहाँ आप 100*10 = ₹1,000 रुपये का Profit Generate कर लेंगे|

लेकिन

ऐसा नहीं होता है और प्राइस 510 की बजायें ₹485 (-3%) हो जाती है|

तो इससे बचने के लिए आप स्टॉप लोस का Use करते है और ₹495 पर ही Stop Loss सेट कर देते है|

अब अगर प्राइस ऊपर ना जाकर नीचे चली जाती है तो आपको मैक्सिमम 500 (100*5) यानी 1% का लोस ही होगा|

जबकि स्टॉप लोस ना सेट करने पर यही लोस कितना भी हो सकता है|

✧ Margin Intraday Square off

जैसाकि मैंने आपको पहले बताया है, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान आपको मार्केट बंद होने से पहले (Square Off Time) पर अपनी Net Position को 0 यानी Square Off करना पड़ता है|

अगर आप ऐसा नहीं करते तो ब्रोकर आपके बीहाफ पर Trade को पूरा कर देगा|

यानी अगर पहले शेयर ख़रीदे गए है तो उन्हें बेच देगा और अगर पहले बेचे गए है तो उन्हें खरीद लेगा|

इसी प्रोसेस को Margin Intraday Square Off (MIS) कहाँ जाता है क्योकि ब्रोकर द्वारा प्रदान किया गया मार्जिन भी इसी दौरान स्क्वायर ऑफ हो जाता है|

✧ Cover & Bracket Order

Cover और Bracket Order यह दोनों ही Intraday Trading के दौरान Trade Set करने में मदद करते है|

उदाहरण के तौर पर – अगर आप HDFC का शेयर 800 में Buy करके, 793 पर स्टॉप लोस लगाना चाहते तो यह दोनों ही काम आप एक साथ Cover Order के द्वारा कर सकते है|

Cover Order and Bracket Order

जबकि Bracket Order में आप एक साथ –

  • 800 पे शेयर Buy
  • 818 पे Profit Book और
  • 793 पे Stop Loss लगा सकते है|
इससे होगा क्या?

Intraday Trading के दौरान मार्केट बहुत ही तेजी से Move करता है और आपके पास समय नहीं होता की आप Buy करने के बाद Stop Loss सेट करे|

इसलिए यह ऑर्डर काफी Useful होते है और इनसे आप Smartly Trading 😎 कर सकते है|

✦ इंट्राडे से पैसे कैसे कमायें?

अब बात करते है सबसे Main Topic पर की Intraday Trading से पैसे कैसे कमायें?

देखिये यह एक जरियाँ है जिससे आप High Capital बनाकर Investment की फिल्ड में जा सकते है|

क्योकि End of The Day यह बात आपको माननी ही पड़ेगी की केवल 10% लोग ही इसमें पैसा कमा पाते है, क्योकि वे इसके Expert होते है|

इसे सबसे सरल तरीके से समझते है –

भारत में एक महीने के दौरान एवरेज 18 से 21 दिन ट्रेडिंग होती है|

ऐसे में Intraday में केवल 2% का Movement भी बहुत ज्यादा मायने रखता है|

यही कारण है की हर Trader सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक यही कोशिश करता है की उसे कुछ प्रॉफिट हो सके|

लेकिन सिक्के का दूसरा पहलु यह भी है की Intraday Trading बहुत ही Risky है|

इसमें जितना पैसा कमाया जा सकता है – उतना ही आपको Loss भी हो सकता है|

अब ऐसे में आपको एक सिंपल टेकनीक का इस्तेमाल कर सकते है, जिसे Compounding Growth कहाँ जाता है|

[Note – यह टेकनीक तभी मायने रखती है, जब आपकी रिस्क मैनजमेंट और एक्यूरेसी लेवल काफी अच्छा हो]

Intraday Trading Tips & Technics –

  • हर महीने 5 हजार की कैपिटल Intraday Trading में लगायें|
  • एक ट्रेड में मैक्सिमम कैपिटल का 3% ही होना चाहिये|
  • 6% का Monthly Profit सेट करते है|
  • Profit Loss Ratio को 2:1 पर रखे| और
  • सारा प्रॉफिट वापस ट्रेडिंग में लगा दे|

क्या होगा अगर आप इस टेकनीक का इस्तेमाल करते है –

Intraday Trading:
Next 3 Years Table

महीनेहर महीने की
कुल कैपिटल
6% का
मासिक ब्याज
15,000300
210,300618
315,918955
421,8731,312
528,1851,691
634,8762,093
741,9692,518
849,4872,969
957,4563,448
1065,9043,954
1174,8594,492
1284,3505,061
1394,4115,665
141,05,0766,304
151,16,3816,983
161,28,3647,701
171,41,0658,464
181,54,5299,271
191,68,80110,128
201,83,92911,035
211,99,96511,998
222,16,96313,017
232,34,98114,101
242,54,08015,245
252,74,32416,459
262,95,78417,747
273,18,53119,112
283,42,64320,558
293,68,20222,091
303,95,28423,717
314,24,01125,441
324,54,45227,267
334,86,71929,201
345,20,92231,255
355,57,17833,431
365,95,60835,736
कुल6,31,3444,53,273

1st Year:

आप इसमें देख सकते है की कंटिन्यू 5 हजार के ट्रेडिंग से ही आप 1 साल में मंथली कैपिटल के बराबर प्रॉफिट कमाने लगते है|

2nd Year:

दुसरे साल के अंत तक आपका प्रॉफिट मासिक पूंजी से 3 गुना ज्यादा हो जाता है|

3rd Year:

और तीसरे साल में आते आते आपकी Capital हो जाती है = 6,31,344 रुपये|

जबकि प्रॉफिट होता है = ₹4.5 लाख से भी ज्यादा|

Bonus Point:

आप यकीन नहीं करेंगे की लेकिन जो 6,31,344 कैपिटल को आपने इस Method से 3 साल में बिल्ड किया है|

अगर वही Method को आप 3 की जगह 6 सालों के लिए Continue करते है तो आपके पास होगी = 60 लाख की कैपिटल| 😮😮😮

वही अगर दुसरा उदाहरण ले –

जहाँ आप 50 हजार की जॉब करते है और उसमे से 20 हजार की मंथली सेविंग करके बैंक में डालते है तो आपका बैंक भी अगले 6 साल साल में ऊपर दी गई कैपिटल का 30% भी नहीं दे पाएगा|

Money Saving Tips –

Auto Sweep से पाएं 9% का ब्याज

ELSS Mutual Funds: निवेश करके टैक्स बचायें (इनवेस्टमेंट के साथ सेविंग भी)

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

नीचे इसके कुछ फायदे है जो आपको Intraday शुरू करने के लिए प्रोसाहित कर सकते है –

✦ Intraday Trading में स्टॉक मार्केट बंद हो जाने के बाद कोई ट्रेड बाकी नहीं रहता, जिससे एक Clearly आती है और उससे Fear कम होता है|
इसमें आपको ब्रोकर के द्वारा 3 से 20 गुना तक का मार्जिन मिलता है, जिससे आप कम कैपिटल के साथ भी Intraday स्टार्ट कर सकते है|
✦ इंट्राडे के दौरान आप चढ़ते हुए (Bull) Market और गिरते हुए (Bear) Market दोनों से ही पैसा कमा सकते है|
ट्रेडिंग 9:15 AM से 3:30 तक रहती है, जिसे आप कही से भी एक Laptop और Internet Connection की मदद से ऑपरेट कर सकते है|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

अब कुछ Intraday Trading के नुकसान, जो आपको इसके दुसरे पहलु से सावधान कराते है –

✦ इंट्राडे करते समय अगर आपकी कैपिटल कम है और आपको ट्रेडिंग का नॉलेज नहीं तो आपकी पूरी कैपिटल 1 महीने में ही साफ़ हो सकती है|
यह बहुत ही ज्यादा रिस्की है| जैसा की मैंने पहले भी बताया है अगर आपकी Accuracy 70% या 80% से ज्यादा नहीं है तो भूल कर भी Intraday Trading ना करे|
✦ Intraday में Emotion को कंट्रोल करना बहुत ही जरुरी है, क्योकि यह पूरा खेल Mind का है|

यहाँ आपने कोई भी इमोशनल निर्णय लिया और वहां आपका पैसा डूबा जाएगा|

आप इसे पार्ट टाइम सीख तो सकते है लेकिन Real Intraday Trading किसी भी पार्ट टाइम जॉब की तरह नहीं की जा सकती – इसलिए शुरू करने से पहले यह ध्यान रखे|

Intraday Trading FAQ’s

यहाँ इंट्राडे ट्रेडिंग से जुड़े कुछ इम्पोर्टेन्ट सवालों के जवाब दियें जा रहे है|

यदि आपका भी कोई सवाल है या कोई चीज समझने में आपको प्रॉब्लम हो रही है तो आप Comment Box में पूछ सकते है|

1. Intraday Trading सीखने में कितना समय लग जाता है?

इंट्राडे ट्रेडिंग सीखने में लगने वाला समय हर व्यक्ति के अनुसार अलग अलग हो सकता है|

किसी व्यक्ति को जल्दी समझ आता है तो किसी को ज्यादा टाइम लगता है लेकिन एक एवरेज टाइम की बात करे तो आप इसे 20 से 30 दिनों में लर्न कर सकते है|

2. Intraday Trading कितने तरह की होती है?

मुख्यतौर पर यह दो तरह की होती है –

  • Long Term (Buy करके Sell करना)
  • Short Selling (Sell करके Buy करना)

3. Investment और Trading में क्या फर्क होता है?

ट्रेडिंग:-

कुछ सेकंड्स से लगाकर कुछ महीनों के लिए की निवेश को (Short Term) Trading कहा जाता है|

इसका मुख्य उद्देश्य कैपिटल बिल्ड करना या शोर्ट-टर्म प्रॉफिट जनरेट करना होता है|

इनवेस्टमेंट:-

जबकि Investment केवल टाइम के मामले में ही नहीं बल्कि उद्देश्य के मामले में भी ट्रेडिंग से अलग होता है|

यह कुछ सालों से कई सालों तक (वेल्थ) Wealth Create करने ले लिए किया जाता है|

4. क्या Demat Account के बिना ट्रेडिंग नहीं की जा सकती?

जी नहीं| आप डीमेट के बिना Intraday Trading तो कर सकते, पर ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट नहीं|

लेकिन इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, ट्रेडिंग और डीमेट अकाउंट एक साथ ही खोले जाते है और इसका खर्चा बहुत ही कम होता है|

5. Equity, Commodity और Currency Trading में क्या फर्क होता है?

इनमें बहुत बड़ा फर्क है क्योकि यह तीनों अलग तरह से काम करती है –

✦ Equity = यह कम्पनी के शेयर्स या यूँ कहे की एक हिस्सेदारी होती है|

इसकी प्राइस कंपनी की परफॉरमेंस, प्रॉफिट और अन्य चीजो से प्रभावित होती है|

✦ Commodity = इसमें मुख्यतौर पर सबसे मूल्यवान वस्तु, मेटल, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट, आयल और अन्य चीजे आती है|

जो Demand-Supply, Global Market और किसी बड़े सरकारी निर्णय से प्रभावित होती है|

✦ Currency = इसमें कई देशों की मुद्रा शामिल होती है, जैसे – ₹, $, €, ¥, R$, ₺ आदि|

यह ग्लोबल मार्केट और इकॉनमी से इफेक्ट होती है|

6. क्या IPO और Mutual Funds भी Trading में ही आते है?

जी हाँ| IPO और म्यूच्यूअल फंड्स यह दोनों हो शोर्ट टर्म ट्रेडिंग का एक हिस्सा है|

वैसे आईपीओ खरीदने के लिए डीमेट अकाउंट की जरुरत होती है, लेकिन Mutual Funds को आप बिना डीमेट के भी डायरेक्ट या SIP के द्वारा खरीद सकते है|

7. Intraday Trading में सबसे जरुरी क्या होती है?

जितना मैंने सिखा है, उसके अनुसार सबसे जरुरी है अपनी Capital को बचायें रखना|

यानी सबसे बेहतर तरीके से Risk को Manage करना|

क्योकि जब तक आपकी कैपिटल है आप शेयर मार्केट में बने रह सकते है|

Final Note – 👍

आशा करता हूँ की आप इस पोस्ट की मदद से समझ गए होंगे की Intraday Trading क्या होती है, कैसे शुरू की जा सकती है और उससे पैसे कैसे कमायें जा सकते है|

हालाकिं इसमें बहुत सारी चीजे आना बाकी है, लेकिन हम उसे किसी दूसरी पोस्ट में समझेंगे|

आपको क्या करना है – 🙂

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको यह 2 काम सबसे पहले करने है –

  • Comment & Share करे और बतायें की आपको यह पोस्ट कैसी लगी|
  • Share Market, Trading और Investment को सीखना शुरू करे|
Note For All Users – 🙏

इस पोस्ट की में दी गई जानकारी केवल Intraday Trading को आसानी से समझने के लिए दी गई है|

ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग शुरू करना यह पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करता है|

लेकिन उससे पहले यह आवश्यक है की आप Share Market के सभी Factors को अच्छे से समझे और जरुरी नॉलेज होने के बाद ही इसकी शुरुवात करे|


2 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *