IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

औद्योगिक क्रांति के बाद पूरे विश्व में निजी और सार्वजनिक कंपनियों ने व्यवसाय करने के तरीके बिलकुल बदल दिये। जैसा की आप जानते हैं की किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को stability देने में उस देश की Private और Public कंपनियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसी के साथ एक सच और भी सब जानते हैं की Company की प्रकृति कैसी भी हो, उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने से लेकर आगे चलाने तक, यानि हर कदम पर पूंजी या धन की आवश्यकता होती है। Capital यानि पूंजी प्राप्त करने के लिए कंपनी के पास दो रास्ते होते हैं। एक तो अंश पूंजी जिसे Equity या Shares भी कहा जाता है और दूसरा ऋण पूंजी जिसे Loan या Debenture भी कहा जा सकता है। समय और ज़रूरत के अनुसार कंपनी दोनों प्रकार की पूंजी को प्राप्त करने का प्रयत्न करतीं हैं।

अगर कोई कंपनी Share Market के जरिये धन प्राप्त करना चाहती है तो इसके लिए कंपनी को Open Market में Shares  को issue करना होता है  जिन्हें जनता के बीच खरीदा और बेचा जा सके। जब कोई Company पहली बार अपने Shares को Public में Issue करती हैं तो इस प्रक्रिया को IPO यानि Initial Public Offering कहते हैं। आइये आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं जिससे आप भी अगर किसी कंपनी के IPO में Invest करना चाहते हैं तो उस निर्णय में आपको सुविधा हो सके।

आईपीओ क्या है: What is IPO

किसी भी कंपनी को जब वित्त या पैसों की जरूरत होती है तो उसके लिए वह जनता, बैंक या फिर वित्तीय संस्थानों के पास जाती है। जनता से वित्त प्राप्त करने के दो रूप हैं। एक तो उनसे वित्त (Finance) प्राप्त करके उन्हें कंपनी के स्वामित्व और प्रबंधन में हिस्सेदार बना लिया जाए। इस तरीके से जो Capital या Funds एकत्रित किये जाते है उसे Share Capital कहा जाता है। दूसरा रूप है जनता से जो पूंजी ली जाए उसे ऋण मानकर, एक निश्चित समय पर वो पैसा वापस कर दिया जाए। इसे Debentures या Loan Capital कहा जाता है।

जब कोई कंपनी इक्विटी में Public से Fund जुटाना चाहती हैं तो उस समय वह Share Market में लिस्टेड होकर अपने General Shares को पब्लिक के सामने पहली बार Issue करती है, इसी प्रोसैस को Initial Public Offering (IPO) कहा जाता है। जो लोग कंपनी के Shares खरीदना चाहते हैं, वे अपना आवेदन कर सकते हैं और सभी आवेदन प्राप्त होने के बाद Company पूँजी के बदले Shares को आवेदकों में बाँट देती हैं| इस प्रकार कंपनी के शेयर्स जनता के बीच पहुँच जाते हैं और कंपनी को पूँजी प्राप्त हो जाती हैं|

इसके बाद यह शेयर्स, शेयर मार्केट में ख़रीदे-बेचे जा सकते हैं। इस प्रकार कंपनी अपने एक्सपेंशन के लिए आईपीओ के द्वारा capital को जुटाने का प्रयास करती है। आम भाषा में IPO को पब्लिक इशू भी कहा जाता है। IPO हमेशा समान्य जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाता हैं और कोई भी आईपीओ में Invest करके उस कंपनी के Ownership में हिस्सेदार बन सकते हैं| IPO के बाद shares को शेयर बाज़ार से ख़रीदा जा सकता हैं|

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प्रॉस्पेक्टस क्या हैं – Meaning of Prospectus in Hindi

Prospectus, किसी भी आईपीओ का सबसे महत्वपूर्ण Document (दस्तावेज) होता हैं| जब भी कोई Company अपना IPO जारी करती हैं तब सबसे पहले वह Public Issue का Prospectus जारी करती हैं| यह एक प्रकार का Legal Document होता हैं जिसमें Company और Public Issue या IPO से सम्बंधित Detailed Information होती हैं जैसे कितने Shares जारी किये जाएंगे, Price क्या होती, IPO से प्राप्त पैसे का क्या उपयोग किया जाएगा, Director की जानकारी, Company के पिछले Profit और Financial डाटा, निवेशको की Risk, प्रमोटर्स के शेयर्स आदि|

यह प्रॉस्पेक्टस SEBI से Apporved होता हैं और इसमें आपको IPO और Company से सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी मिल जाएगी| IPO में Invest करने से पहले Prospectus की एक एक जानकारी को अच्छे से समझ लेना चाहिए

 

कंपनी आईपीओ क्यूँ जारी करतीं हैं:

जब किसी कंपनी को अपने वर्तमान स्वरूप में बदलाव करना होता है या फिर अपने वर्तमान आकार को बढ़ाना होता है तो उस समय पूंजी की आवश्यकता होती है। इस पूंजी को इकट्ठा करने के लिए वो जनता के सामने Public Issue या IPO लेकर आतीं हैं। इसके अलावा शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के लिए भी IPO Issue किए जाते हैं।

IPO से जुड़े महत्वपूर्ण शब्द:  

आईपीओ को और अच्छी तरह से समझने के लिए आपको इससे जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण शब्दों की जानकारी होनी बहुत जरूरी है। यह इस प्रकार है :

  1. इशू का नाम (Issue): यह उस Company का नाम होता है जो आईपीओ को जारी करती है। दूसरे शब्दों में Shares के नाम उन्हें जारी करने वाली कंपनी के नाम से जाने जाते हैं। जैसे अगर डोमिनो पिज्जा कंपनी अपने आई पी ओ लाती है तो इशू का नाम भी ‘डोमिनो पिज्जा’ होगा।
  1. इशू का प्रकार (Types of Issue): कंपनी दो प्रकार के इशू जारी कर सकती है। एक तो Book Building और दूसरा Fixed Price। स्थायी कीमत या Fixed Price में शेयर्स की कीमत में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हो सकता। निवेशक उसी कीमत पर इन्हें खरीदते हैं जिनपर कंपनी इन्हें जारी करती है। जबकि Book Building में निवेशक बोली लगाकर अंशों या Shares को कंपनी से खरीद सकते हैं।
  1. कीमत बैंड (Price Band): अधिकतर कंपनियाँ अपने IPO को जारी करते समय उसकी Price स्वयं तय करती है। लेकिन जो कंपनियाँ इंफ्रास्ट्र्क्चर और इससे संबन्धित क्षेत्रों में होतीं हैं उन्हें कीमत तय करने के लिए सेबी और/या रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होती है।
  1. कट-ऑफ प्राइस (Cut off Price): जब कंपनी Book Building के द्वारा Shares जारी करती है तो निवेशकों को ऐसे शेयर्स Allot करते समय जो कीमत तय करती है उसे Cut-off Price कहते हैं। जैसे अगर किसी कंपनी ने 10 रु में अपनी शेयर्स जारी किए लेकिन शेयर्स को आबंटित करते समय उनकी कीमत 11 रुपए कर दी तो यह 11 रुपए इन शेयर्स के Cut-off Price माने जाएंगे।
  1. कट ऑफ डेट और टाइम (Cut Off Date): कंपनी अपने Shares के आवेदन करने की एक तिथि और समय निर्धारित कर देती है। निवेशकों को इस तिथि और समय तक ही IPO के लिए Apply करने की सुविधा होती है। समानयरूप में यह तिथि IPO मार्केट में लाने के 3 से 5 दिन तक होती है। जैसे अगर डोमिनो 25 अगस्त को अपने शेयर्स मार्केट में ला रहे हैं तो 29 अगस्त के शाम 5 बजे तक निवेशक इन अंशों का आवेदन या Subscription के लिए Application दे सकते हैं। इसके बाद यह कंपनी अपने अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

 

  1. लॉट साइज़: Lot Size शेयर्स की वो संख्या होती है जिसके आधार पर कोई निवेशक आई पी ओ का आवेदन कर सकता है। जैसे माना किसी कंपनी के शेयर्स को आप 10, 20 या 50 की संख्या में ही खरीद सकते हैं, अपनी इच्छा के आधार पर नहीं। यही संख्या Lot Size कहलाती है।
  1. निवेशक की श्रेणी (Types of Investors): जो लोग कंपनियों के अंशों को खरीदते हैं या फिर निवेश करते हैं, उन्हें आमतौर पर रिटेल निवेशक कहा जाता है। इसके अलावा निवेशक Non-Institutional, High Networth Individuals और Qualified Institutional Bidders की श्रेणी में भी रखा जा सकता है। कोई भी सामान्य व्यक्ति एक Retail Investor के रूप में किसी भी कंपनी के 2 लाख रुपए तक (maximum limit) के IPO Shares को खरीद सकता है।

IPO में Invest कौन कर सकता हैं 

कोई भी वयस्क या अवयस्क और स्वस्थ मस्तिष्क वाला व्यक्ति जो 2 लाख रुपए तक का निवेश करना चाहता है वह रिटेल निवेशक के रूप में आई पी ओ में निवेश कर सकता है। आपके पास अगर Pan Number, Bank Account और Demat Account है तो आप किसी भी कंपनी के आई पी ओ में निवेश करने के योग्य माने जाते हैं। आप चाहें तो कंपनी के शेयर्स को एक सर्टिफिकेट रूप में Physical Form में अपने पास रख सकते हैं या अगर आप चाहें तो Demat Account में भी इनको ट्रान्सफर कर सकते हैं।

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आईपीओ में निवेश कैसे करे: How to Invest in IPO

भारत में अगर आप Investor के रूप में किसी कंपनी के IPO में निवेश करना चाहते हैं तो आपकी सुविधा के लिए भारतीय सरकार के कॉर्पोरेट मंत्रालय और SEBI ने कुछ नियमों (Rules) और गाइडलाइन्स का निर्धारण किया है जो उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

अगर आपके पास Demat Account या Trading Account  नहीं  हैं तो सबसे पहले आपको एक अच्छे Broker के पास अपना Demat Account खुलवाना चाहिए| डीमैट खाता खुलवाने के लिए आप हमारा यह गाइड देख सकते हैं:

डीमैट खाता कैसे खोलें  

निवेश से पहले कंपनी के Prospectus का अच्छी तरह से Detailed Analysis कर लेना चाहिए| कंपनी द्वारा जारी किए गए Share की Price, उस कंपनी की बाज़ार में साख या Goodwill, कंपनी के प्रवर्तक या Promotors की साख का भी ध्यान पूर्वक अध्ययन करें ।

जिस कंपनी को आप निवेश के लिए चुन लेते हैं, उसको अंतिम रूप देने से पहले, उसका उस जैसी ही दूसरी कंपनियों से तुलना ज़रूर करें। इस प्रकार आप एक सही कंपनी का चयन कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त आप निवेश बाजार में कंपनियों की रेटिंग का भी ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। इसके बाद  इस प्रकार आप एक सही कंपनी का चयन कर सकेंगे।

आई पी ओ के अंतर्गत निवेश करने के लिए आपके पास बैंक खाता, डीमैट एकाउंट और पैन नंबर होना बहुत जरूरी है। इसके बाद अपने जिस कंपनी का चयन किया है उसके Prospectus और Application Form ले लें । उसके बाद ठीक रूप से भरा गया फॉर्म निर्धारित राशि के डिमांड ड्राफ्ट के साथ निर्धारित बैंक में जमा कर दें।

11 thoughts on “IPO in Hindi – आईपीओ क्या हैं? आईपीओ में Invest कैसे करें?

  1. बहुत अच्छा पोस्ट है, शेयर करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

  2. मुझे आप के दुबारा लिखी गई यह रचना बहुत ही अच्छी लगी

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