रेयडीमेन्ट गारमेंट बिजनेस को कैसे ग्रो करे? (8 Tips)


How to Grow Readymade Garments Business

2020 के आकड़ें के अनुसार भारत मे करीब 2 करोड़ से ज्यादा रेयडीमेन्ट गारमेंट शॉपस है और हर साल ही हजारों की संख्या मे नए स्टोर खुल रहे है| यानी ये बिजनस बड़ी तेजी से फल फूल रहे है|

ऐसे मे अगर आप भी इस रेयडीमेन्ट गारमेंट के बिजनेस को शुरू करना चाहते है और इसे ग्रो करना चाहते है तो यह पोस्ट आपके बहुत ज्यादा हेल्पफुल रहेगी|

क्योंकि इस पोस्ट मे हम आपको बताएंगे की कैसे आप नीचे दिए गई 8 टिप्स को फॉलो करके कई सारे नुकसान से बच सकते है साथ ही अपना एक Profitable कपड़ों का बिजनेस सेट कर सकते है|

लेकिन इससे पहले अगर आप नहीं जानते तो जान लीजिए की कपड़े की दुकान खोलने मे कितना खर्च आता है|

कपड़ों के बिजनेस को ग्रो कैसे करे?

  1. सेल्स की बजाए खरीदी पर ध्यान दे
  2. फास्ट इन्वन्टरी रोटैशन को समझे
  3. अपने बिजनेस को ऑनलाइन लाए
  4. कस्टमर को वो दे जो वह चाहता है
  5. अपने सेल्समेन को ट्रेन करे
  6. लोकैशन भी इम्पॉर्टन्ट है
  7. डेब्ट स्टॉक से दूर रहे
  8. ऑफर/डिस्काउंट

#01 सेल्स की बजाए खरीदी पर ध्यान दे

इसका मतबल है की सेल्समेन की तरह कस्टमर को कुछ भी बेचने की बजायें अपनी खरीदी जाने वाली Inventory पर ध्यान दे| सिर्फ उसी स्टॉक को खरीदे और अपने स्टॉक मे रखे जो ट्रेंड मे है, कस्टमर खरीदना चाहता है या बहुत ही आसानी से तुरंत बिक जाते है|

अब Purchashing पर ध्यान देने के लिए अपने मार्केट और Sales को समझे| जिसके लिए यह 3 सवाल पूछ –

  1. जहां आपका स्टोर है वहाँ किस तरह की पब्लिक रहती है और निकलती है?
  2. पिछली 6 महीने की सेल्स मे सबसे ज्यादा बिकने वाला आइटम कौनसा है?
  3. आपके कॉमपेटीटर सबसे ज्यादा क्या बेच रहे है और क्या वे प्राफिटबल है?

जब आपको इन सवालों के जवाब मिल जाएंगे तो आपको पता चल जाएगा की आपको कौनस माल खरीदना चाहिए| क्योंकि जब आप सही माल खरीदते है तो आपको सेल करने मे ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता वो चीज अपने आप बिकती है|

#02 फास्ट इन्वेन्टरी रोटैशन को समझे

भारत त्योहारों का देश है और त्योहार का मतलब ज्यादा खरीदारी| ऐसे मे दिवाली और शादियों का त्योहार किसी भी गारमेंट रीटेल स्टोर के लिए काफी माइने रखता है| पर यही पर ज्यादातर नए व्यापारी/दुकानदार सबसे बड़ी गलती करते है की वो Inventory/Stocks का ऑर्डर त्योहार से एक महीने या 20 दिन पहले देते है|

जैसा की हम जानते है की त्योहारों पर पूरा भारत एक साथ खरीदारी करने वाला है तो डिमांड बढ़ेगी, डिमांड के कारण Manufactors पर ज्यादा लोड आएगा और जिसके कारण आखिरी समय मे Supply Chain पूरी तरह से व्यस्त रहेगी| जिससे होता यह है की आपको ऐसे समय मे स्टॉक भी थोड़ा महंगा मिलता है और डेलीवेरी भी लेट हो जाती है|

इससे बचने के सबसे अच्छा तरीका यह है की आप त्योहारों से कम से कम 60 से 80 दिन पहले अपने माल/स्टॉक का ऑडर दे दे| इसके साथ ही ऐसे Manufactor से कान्टैक्ट करे जो अच्छी Quantity के साथ ही Fast Delievery प्रवाइड करता हो|

Best Manufacture For Retails

इसके लिए आप AjmeraFashion से जुड़ सकते है जो सूरत की Famous Textile Manufacture Company है यह आपको काफी किफ़ायदी दामों पर 7 से 8 दिनों के अंदर माल को आप तक सुरक्षित पहुँचाने का वादा करती है|

Address: D-5491, 3rd Floor, Lift No.15, Ring Rd, Raghukul Textile Market, Surat, Gujarat 395002
Mobile Number: +91 6358863689
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#03 अपने बिजनेस को ऑनलाइन लाए

बिजनेस मे छोटी-छोटी चीजे बहुत ज्यादा मायने रखती है| ऐसे मे अगर आज आपकी एक गारमेंट शॉप है तो आपकी पहुँच केवल Offline Customers तक ही रहेगी| लेकिन क्या आप जानते है की सिर्फ ₹2500 से ₹3000 की एक चोटी सी लागत से आप अपनी Online प्रेजेन्स भी बना सकते है और ऑनलाइन अपनी शॉप को प्रमोट कर सकते है|

इसके लिए आप नीचे दिए गए काम कर सकते है:-

  • Google My Business पर अपनी शॉप को लिस्ट करे – यह पूरी तरह फ्री है|
  • Shop की Website बनाए और प्रोडक्ट को फीचर करे – इसमे ₹3000 का खर्च है|
  • Social Media का इस्तेमाल करे – Instagram, Whatsapp, Youtube आपके लिए काम के है|

इस सबसे होगा यह की आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच पाएंगे, जिससे आपकी शॉप का ओवरॉल इम्प्रेशन बढ़ेगा जो आपकी सेल्स को भी बढ़ा कर देगा|

#04 कस्टमर को वो दे जो वह चाहता है

कभी भी कस्टमर की डिमांड से अलग आइटम पेश ना करे| क्योंकि शॉप मे एंटर करने के बाद शुरू के 10 से 15 मिनट मे ही कस्टमर को खरीदी का Real Excitement होता है और अगर आप इस टाइम मे उसे वो नहीं दे पाते जो वो लेनें आया है तो पूरी संभावना है जो की वह बिना कुछ खरीदे चले जाएंगे|

Example के लिए – एक महिला आपकी शॉप पर आती है और वह कोर्टन की साड़ी की डिमांड करती है| ऐसे मे अगर आप या आपका सेल्समेन पहली मांग जो की कोर्टन की साड़ी है उसको पूरा किए बिना गलती से भी सिल्क या किसी दूसरे टाइप की साड़ी दिखाने लग जाए तो इससे कस्टमर के मन मे आपकी शॉप के प्रति एक नेगटिव इमेज मन जाती है|

इसलिए जरूरी है की पहले Customer की बात को पूरा सुने और समझने की कोशिश करे की वो क्या चाहता है| जो भी उसकी डिमांड है आप उससे रेलटिव सबसे बेस्ट प्रोडक्ट उसके सामने रख दे तो सेल्स होने के चांसेस काफी हाई हो जाते है|

Also, Check –

#05 अपने सेल्समेन को ट्रेन करे

क्या आप जानते है की सिर्फ एक बेहतर सेल्समेन को अपनी शॉप पे रख कर या एक एवरेज सेल्समेन को 2 से 3 महीने की ट्रैनिंग देकर आप अपनी शॉप की Monthly Revenue को 50% से बढ़ा सकते है|

इसे समझने के लिए एक Example लेते है –

मान लीजिए की आपकी शॉप पर दिन के 50 ग्राहक आते है और आपके पास एक सेल्समेन है जो ग्राहक से डील करता है| अब वो सेल्समेन एक सामान्य बोल-चाल वाला व्यक्ति है जिसके कारण वो सिर्फ 50 मे से केवल 10 ग्राहकों को ही माल बेच पाता है|

अब वही अगर आप उस सेल्समेन को Customer से बात करने, माल बेचने, फ़्रेंडली बोल-चाल और ग्राहक की डिमांड को समझने की ट्रैनिंग देते है तो उससे वह 50 मे से 10 की जगह 15 को माल बेच पाएगा, जो की आपकी सेल्स को 50% से बढ़ा देगा|

लेकिन अगर आपके पास कोई सेल्समेन नहीं है और आप ही ग्राहक से डील करते है तो ऐसे मे आप अपने आप को ऑनलाइन ट्रैनिंग और ऑफलाइन प्रैक्टिस से बेहतर बना सकते है|

#06 लोकैशन भी इम्पॉर्टन्ट है

  • क्या आपकी शॉप के आस-पास कोई सब्जी मार्केट नहीं है?
  • क्या आप ऐसी लोकैशन पर है जहाँ से हजारों लोग रोज निकलते है?
  • क्या आपके शॉप के पास कोई भी बढ़ा शोरूम या आपके जैसी ही शॉप है?

अगर ऊपर के तीनों सवालों के जवाब हाँ है तो आपकी शॉप की लोकैशन एकदम सही है| अगर ऐसा नहीं है तो आपको एक बार फिर से लोकैशन के बारे मे सोचना होगा|

क्योंकि इसके 3 इम्पॉर्टन्ट पॉइंट्स है –

  1. Impression (कितने लोगों ने आपके शॉप को देखा),
  2. Clicks (कितने लोगों ने आपकी शॉप पर आयें)
  3. Conversion (कितने लोगों ने वाकई मे खरीदारी की)

यह सभी पॉइंट भी आपकी शॉप के लिए अप्लाइ होते है| तो अगर आपकी लोकैशन Perfect है तो हजारों लोग रोज आपकी शॉप को देखगें (इम्प्रेशन), जिससे शॉप मे आने की संभावना बढ़ जाएगी (क्लिक्स) और उससे सेल्स मे भी बढ़ोत्तरी होगी (कन्वर्शन)

#07 डेब्ट स्टॉक से दूर रहे

Debt Stock का मतलब होता है की वो माल जो पिछले 4 से 6 महीने से पड़ा है और बिक नहीं रहा| ज्यादा इन्वन्टोरी खरीद लेने से, ट्रेंड बदल जाने से या सीजन ना होने के कारण स्टॉक आउट डेटेड हो जाता है और उसी के कारण यह काफी महीनों तक पड़ा रहता है|

ऐसे मे आपको समझना होगा की जब तक पुराना माल नहीं बिकेगा तो ना ही नया माल खरीदने के लिए Cash Flow होगा और ना ही उसे रखने के लिए जगह| इसके लिए जरूरी है की आप डेब्ट स्टॉक को जितनी जल्दी हो सके बेच दे और हर 1 से 2 महीने मे Inventory Rotaion करते रहे| इससे होगा यह की Customer को हर बार फ्रेश स्टॉक देखने को मिलेगा और वो उसे खरीदने के लिए ज्यादा ईछुक होगा|

अब सवाल यह है की Debt Inventory को कैसे बेचे?

तो इसके लिए एक सबसे बेहतरीन तरीका है की अगर आपका माल 6 महीने पुराना हो गया है तो उसे Cost to Cost बेचने मे ही भलाई है और अगर उसमे भी ना बिक रहा हो तो थोड़ी प्राइस और कम कर दे|

हाँ आप सही सुन रहे है| इससे होगा यह ₹500 का माल आप ₹800 मे ना बेचकर ₹500 मे ही देना शुरू कर देंगे जो की Customer को सस्ता लगेगा और 6 महीने का माल 10 से 15 दिन मे सेल हो जाएगा| जिससे आपका Cash Rotation शुरू हो जाएगा जो आपको नया माल खरीदने मे हेल्प करेगी और आप जानते है की नया माल आसानी से बिकता है|

#08 ऑफर/डिस्काउंट

आप माने या नया माने Offers/Discount सबको पसंद होते है| तो ऐसे मे अगर आप केवल कुछ प्रतिशत अपना मार्जिन कम करके सेल करेंगे तो बिक्री ज्यादा होगी, जितनी जल्दी बिक्री होगी उतनी ही जल्दी स्टॉक रोटैशन होगा और नया माल भी उतनी तेजी से बिकेगा|

Example के लिए Ram और Shyam दोनों की गार्मन्ट की दुकान है और दोनों ने ही एक ही हॉलसेलर से 100 सर्ट खरीदे, जो उन्हे ₹500 प्रति सर्ट पर मिले|

अब राम ने अपना मार्जिन (मुनाफा) 30% रखा जबकि श्याम ने 60% – अब दोनों की Quality मे फर्क नहीं था पर राम का सर्ट ₹650 (500+30%) की प्राइस का था और श्याम का ₹800 (500+60%).

इसी डिफरेंस के कारण राम ऐसे 300 बेच, जिसके कारण उसे हर एक सर्ट पट ₹150 कमाए तो उसका मुनाफा हुआ = ₹45,000 (₹150*300)

वही श्याम की रेट ज्यादा होने के कारण वह 100 सर्ट ही बेच पाया, जिसके कारण उसे = ₹30,000 (₹300*100) का ही प्रॉफ़िट हो पाया|

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निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप रेयडीमेन्ट गारमेंट के अपने बिजनेस को ग्रो करना चाहते है तो Inventory Rotation, Low Price, Online Presence और सेल्समेन पर ध्यान दे| क्योंकि अगर आप हर हिस्से मे 10% बेहतर बनते है तो आप अपने Competitor से 40% आगे रहेंगे और ज्यादा प्रॉफ़िट कमा पाएंगे|

साथ ही अगर आप कपड़ों का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे है या आपको अपने हॉलेसेलर के साथ दिक्कत आ रही है तो आप AjmeraFashion के साथ जुड़ सकते है जो की एक Textlie Manufactore है तथा छोटे से छोटे और बड़े से बड़े रीटैलर तथा हॉलेसेलर को माल सप्लाइ करते है|


अभिषेक राजस्थान से हैं और वे हैप्पीहिंदी.कॉम पर बिज़नेस, इन्वेस्टमेंट और पर्सनल फाइनेंस के विषयों पर पिछले 4 वर्षों से लिख रहे हैं| उनसे [email protected] पर संपर्क किया जा सकता हैं|

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