वह स्वाभिमानी कौन था? – Hindi Motivational Stories

वह स्वाभिमानी कौन था? – Hindi Motivational Stories 

 

 Mera Bharat Mahan

 

किसी गाँव में रहने वाला एक छोटा लड़का अपने दोस्तों के साथ गंगा नदी के पार मेला देखने गया। शाम को वापस लौटते समय जब सभी दोस्त नदी किनारे पहुंचे तो लड़के ने नाव के किराये के लिए जेब में हाथ डाला। जेब में एक पाई भी नहीं थी। लड़का वहीं ठहर गया। उसने अपने दोस्तों से कहा कि वह और थोड़ी देर मेला देखेगा। वह नहीं चाहता था कि उसे अपने दोस्तों से नाव का किराया लेना पड़े। उसका स्वाभिमान (SVABHIMAN) उसे इसकी अनुमति नहीं दे रहा था।

 

उसके दोस्त नाव में बैठकर नदी पार चले गए। जब उनकी नाव आँखों से ओझल हो गई तब लड़के ने अपने कपड़े उतारकर उन्हें सर पर लपेट लिया और नदी में उतरगया। उस समय नदी उफान पर थी। बड़े-से-बड़ा तैराक भी आधे मील चौड़े पाट कोपार करने की हिम्मत नहीं कर सकता था। पास खड़े मल्लाहों ने भी लड़के को रोकनेकी कोशिश की।

 

उस लड़के ने किसी की न सुनी और किसी भी खतरे की परवाह न करते हुए वह नदीमें तैरने लगा। पानी का बहाव तेज़ था और नदी भी काफी गहरी थी। रास्ते में एक नाव वाले ने उसे अपनी नाव में सवार होने के लिए कहा लेकिन वह लड़का रुका नहीं, तैरता गया। कुछ देर बाद वह सकुशल दूसरी ओर पहुँच गया।

 

उस लड़के का नाम था ‘लालबहादुर शास्त्री’ (Lal Bahadur Shastri).

 

लाल बहादुर शास्त्री वाकई में बहादुर थे और उनके बचपन के प्रेरणादायक किस्से (Motivational Stories) काफी प्रचलित है| वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे (Lal Bahadur Shastri was the Second Prime Minister of the Republic of India) | उन्होंने ही “जय जवान, जय किसान का नारा दिया था (Jai Jawan, Jai Kisan)”

 

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