इंजीनियरिंग छात्रों के सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित करता “फोर्स्क लैब्स (Forsk Labs)”


Web development training in jaipur

कई सर्वे के अनुसार, भारत में हर वर्ष 15 लाख से भी ज्यादा छात्र इंजिनियर बनते हैं, लेकिन केवल 20% ग्रेजुएट्स ही नौकरी के लायक होते हैं| इंजीनियरिंग की शिक्षा के लिए अभिवावक लाखों रूपये खर्च करते हैं, छात्र कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी ज्यादातर इंजिनियर्स को अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती|

इसका सबसे बड़ा कारण यह हैं कि इंजीनियरिंग छात्रों को आईटी इंडस्ट्री और कॉर्पोरेट्स की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही हैं|

लेकिन जयपुर का स्टार्टअप “फोर्स्क लैब्स (Forsk Labs)” अपनी विशेष प्रकार की ट्रेनिंग और कोर्सेज के द्वारा आईटी ग्रेजुएट्स के सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित कर रहा हैं| “फोर्स्क लैब्स”, आईटी शिक्षा के क्षेत्र का एक स्टार्टअप हैं, जिसके द्वारा इंजीनियरिंग छात्रों को इंडस्ट्री और कॉर्पोरेट्स की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों जैसे वेब डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लीकेशन, डाटा साइंस, इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स(IoT), इंडस्ट्रियल सी प्रोग्रामिंग आदि में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती हैं|

“फोर्स्क लैब्स (Forsk.in)” के संस्थापक डॉ. सिल्वेस्टर फ़र्नान्डिस को आईटी इंडस्ट्री में 15 वर्ष का अनुभव हैं| वे बताते हैं –

“इंडस्ट्री की आवश्यकताओं और देश की शिक्षा प्रणाली के बीच बहुत ही बड़ा फ़ासला (Gap) हैं जिसे हम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की भागीदारी द्वारा कम करना चाहते हैं” 

वर्तमान में यह स्टार्टअप एमएनआईटी जयपुर, IIIT कोटा, मणिपाल यूनिवर्सिटी, जेपी इंस्टिट्यूट नोएडा और JECRC जैसी कई विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ काम कर रहा हैं| “फोर्स्क लैब्स” द्वारा अब तक करीब 500 से भी ज्यादा विधार्थियों को द्वारा ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं| ट्रेनिंग के बाद इन ग्रेजुएट्स को बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप में अच्छी नौकरी मिल रही हैं जिससे इनके साथ जुड़े शिक्षण संस्थानों की प्रतिष्ठा भी बढ़ी हैं|

Forsk Lab Jaipur

Qualcomm, Mango, ZDRIVE जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों में काम कर चुके फोर्स्क लैब्स के सह-संस्थापक योगेन्द्र सिंह कहते हैं –

“फोर्स्क लैब्स द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग में विधार्थी को इंडस्ट्री के जैसा ही अनुभव मिलता हैं|  हमने हर विधार्थी के प्रदर्शन में 60% से 90% प्रतिशत तक सुधार देखा हैं| प्रत्येक विद्यार्थी के प्रदर्शन को 10 से भी ज्यादा अलग-अलग मानदंडो के आधार पर देखा जाता हैं और उसके बाद उनके प्रदर्शन रिपोर्ट को नियोक्ता कंपनियों के साथ साझा किया जाता हैं ताकि नियोक्ता कंपनियां अपनी जरूरतों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ अभ्यर्थियों को चुन सके|”

फोर्स्क लैब्स की प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीम,  “इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT)” के क्षेत्र में कई सारे उत्पादों का निर्माण कर रही हैं| इसके साथ साथ फोर्स्क लैब की टीम यूपीआई मोबाइल वॉलेट बनाने वाली एक कंपनी के साथ भी काम कर रही हैं|

यह स्टार्टअप न केवल विद्यार्थियों को विशेष ट्रेनिंग दे रहा बल्कि इंडस्ट्री के साथ भी काम कर रहा हैं जिसके कारण ग्रेजुएट्स को इंडस्ट्री का अच्छा अनुभव मिलने के साथ-साथ अच्छा पैकेज भी प्राप्त हो रहा हैं|ट्रेनिंग करने के इच्छुक विद्यार्थी  labs.forsk.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं|


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ए. कुमार राजस्थान से हैं और वे सामान्य तौर पर बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, वित्त और मोटिवेशनल स्टोरी के बारे में लिखते हैं| उनसे [email protected] पर संपर्क किया जा सकता हैं|

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