असफलता से सफलता तक – Failure Is The First Step Towards Success

हर व्यक्ति सपने देखता है और उन्हें पूरा करने की कोशिश करता है| लेकिन ज्यादातर लोग परिस्थितियों एंव असफलताओं के आगे घुटने टेक देते है और वे मान लेते है कि यही उनकी जिंदगी का सत्य है| हम भूल जाते है कि

“हम तब तक असफ़ल नहीं होते, जब तक कि हम प्रयास करना नहीं छोड़. देते”

हम यह समझते है कि हमारे सफल न होने का कारण लोग, समस्याएँ या परिस्थितियां है| लेकिन दरअसल ऐसा कहकर हम स्वंय को धोखा दे रहे होते है|

असफल कौन नहीं होता, समस्याएँ किनके सामने नहीं आती, आदर्श जीवन में कौन पैदा होता है ??

हर किसी के जीवन में समस्याएँ आती है|

“कभी कभी जिंदगी आपके सर को ईंट से भी मारती है| अपने विश्वास को मत खोइए ” – स्टीव जॉब्स

हर व्यक्ति असफल होता है, समस्याएँ हर व्यक्ति के जीवन में होती है| लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग सकारात्मक नजरिये की वजह से परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानते वे परिस्थितियों और लोगों द्वारा फेंके गई ईटों से एक मजबूत नीवं बना लेते है और प्रयास जारी रखते है|

“असफलता का मतलब यह नहीं है कि आप असफल है बल्कि इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आप अभी तक सफल नहीं हुए है|” 

यह केवल नजरिये का ही फर्क है कि कुछ लोग असफलताओं को उनके सपनों तक पहुँचने की पहली सीढ़ी मानते है और कुछ लोग असफलताओं को उनके सपने टूटने का कारण मानते है|

जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती है| कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो। – अब्दुल कलाम

इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो कि बिना किसी कठिनाइयों और असफलताओं के सफल हुआ हो|

असफलताएँ और कठिनाइयाँ का उद्देश्य हमारे सपनों को पूरा करना होता है क्योंकि हम बार-बार यह भूल जाते है कि हमारे भीतर असीम शक्ति है जिसके लिए नामुनकिन कुछ भी नहीं|

जो सामने पहाड़ दिखता है, उसे चढ़ने में आप थकते नहीं हो बल्कि आपके जूते में छिपा कंकड़ ही आपको तकलीफ देता है।Muhammad Ali

अगर जीवन में कठिनाइयाँ और समस्याएँ आ रही तो इसका भी कुछ न कुछ उद्देश्य होता है जिसे हमें आत्मचिंतन द्वारा समझना होता है| हमें अपने भीतर झांकना होता है और अपनी शक्तियों को जागृत करना होता है|

हमारी समस्या यह नहीं कि हम कठिनाइयों का सामना नहीं कर सकते बल्कि समस्या यह है कि हम अपनी असीमित शक्तियों को नहीं पहचानते|

जब विल्मा रुडोल्फ (Wilma Rudolph) अपनी विकलांगता को हराकर ओलम्पिक रेस जीत सकती है तो हम अपने सपने पूरे क्यों नहीं सकते ???

जब Nick Vujicic बिना हाथ पैरों के लिख सकता है, तैर सकता, फुटबॉल खेल सकता है और अपने सपने पूरे कर सकता है, तो हम क्यों नहीं ???

जब विकलांग इरा सिंघल (Ira Singhal) देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा आईएएस(IAS) में टॉप कर अपने सपने पूरे कर सकती है, तो हम क्यों नहीं ???

जब थॉमस अल्वा एडिसन 1000 बार फेल होकर भी प्रयास करना नहीं छोड़ते और आखिरकार अपने सपने पूरे कर सकते है तो हम क्यों नहीं ???

जब अरुणिमा सिन्हा (Arunima Sinha), कृत्रिम पैर पर चलकर माउंट एवेरेस्ट फतह कर सकती है तो हम क्यों नहीं ???

जो व्यक्ति सपने देख सकता है वो सपने पूरे भी कर सकता है| आप चाहे किसी भी जगह हो या जीवन की परिस्थितियां चाहे कैसी भी हो, आपको अपना सपना पूरा करने के लिए जिन वस्तुओं की जरूरत है वो सारी वस्तुएं एंव शक्तियां इस समय आपके पास मौजूद है|

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A Kumar: ए. कुमार राजस्थान से हैं और वे सामान्य तौर पर खेल, विज्ञान, करियर के बारे में लिखते हैं| उनसे hindihappy@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता हैं

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