अधूरा सच – Heart Touching Story in Hindi

एक 25 वर्ष का लड़का ट्रेन में सफ़र करते वक्त खिड़की से बाहर के नज़ारे को देख रहा था|

वह अचानक चिल्लाया – “पापा, वो देखो पेड़ पीछे जा रहे है!”

पिताजी मुस्कराए|

पास में बैठा एक व्यक्ति, लड़के के इस बचपने व्यवहार को देखकर हैरान था और उसे लड़के पर दया आ रही थी|

थोड़ी देर बाद लड़का फिर ख़ुशी से चिल्लाया – “देखो पापा, बादल हमारे साथ चल रहे है!”

अब पास में बैठे व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने कहा – “आप अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते?”

लड़के के पिता ने कहा – “हम अभी अस्पताल से ही आ रहे है| दरअसल मेरा बेटा जन्म से ही अँधा था और आज ही उसको आँखे मिली है| आज वह पहली बार इस संसार को देख रहा है|”

Everyone has a thier own story

हर व्यक्ति की अपनी एक कहानी होती है| सम्पूर्ण सच को जाने बिना किसी के भी व्यवहार के बारे में निर्णय नहीं करना चाहिए| हो सकता है कि जो दिख रहा है वह सम्पूर्ण सच न हो|

Don’t judge people before you truly know them. The truth might surprise you.Think before you say something.

" A Kumar : ए. कुमार राजस्थान से हैं और वे सामान्य तौर पर खेल, विज्ञान, करियर के बारे में लिखते हैं| उनसे hindihappy@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता हैं."

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