amitab bachan paintings

नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते – Story of Dhaval Khatri, “An Artist Without Hands”

“मत कर यकीन अपने हाथों की लकीरों पर…………. नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते|”

ये विचार है अहमदाबाद के आर्टिस्ट धवल खत्री (Dhaval Khatri) के जिन्होंने बचपन में ही अपने हाथ खो दिए थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी| उनके सामने सैकड़ों मुसीबतें आई लेकिन उन्होंने जिंदगी की हर जंग को जीत लिया| उनके हाथ नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने 300 से ज्यादा अद्भुत्  पेंटिंग्स बनाकर यह साबित कर दिया कि “नामुकिन कुछ भी नहीं – Nothing Is Impossible”

 

एक भयानक हादसा

सन 2003 में 14 वर्ष के धवल, बिजली के तारों में फंसी अपनी पतंग निकाल रहे थे कि तभी एक ऐसा भयानक हादसा हुआ जिसने धवल की जिंदगी बदल दी| धवल बिजली के तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया|

इस हादसें में उनके हाथ इतनी बुरी तरह से जल गए कि उनके हाथों को काटना पड़ा|

 

संघर्षपूर्ण शुरुआत – Life Journey of Unique Artist Dhaval Khatri

उसकी जिंदगी कितनी संघर्षपूर्ण होगी जिसने 14 वर्ष की उम्र में अपने हाथ खो दिए हो| लेकिन धवल के माता-पिता ने धवल को निराशा के अँधेरे में डूबने नहीं दिया| उन्होंने धवल को प्रेरित किया|

धवल जब हॉस्पिटल में थे तो उनकी माता उन्हें पेन और पेन्सिल पकड़ने की प्रेक्टिस करवाने लगी| हर रोज वे कुछ लिखने और पेंटिंग करने का प्रयास करने लगे| आठ महीनों की कड़ी मेहनत के बाद, वे बिना हाथों के पेंटिंग बनाना सीख गए|

amitab bachan paintings

 

 

आज धवल ने पेंटिंग में महारथ हासिल कर ली है| उनकी मनमोहक चित्रकारी को देखकर कोई यह सोच भी नहीं सकता कि यह पेटिंग एक ऐसे कलाकार ने बनाई है जिनके हाथ नहीं है|

sachin tendulkar potrait

 

 

 

धवल पेंटर होने के साथ साथ एक प्रेरक वक्ता (मोटिवेशनल स्पीकर) भी है| धवल न केवल पेटिंग करते है बल्कि वे गिटार भी अच्छा बजाते है और हर हफ्ते क्रिकेट व फुटबॉल खेलते है|

story of dhaval khatri

बचपन में बिजली के तारों में फंसी पतंग के कारण उन्होंने अपने हाथ खो दिए लेकिन फिर भी धवल ने पतंग उड़ाना नहीं छोड़ा| उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को खुद पर हावी होने नहीं दिया बल्कि उन्होंने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना दिया|

धवल जैसे अद्भुत लोग सही मायनों में इस देश के “हीरो” है जिसे हम सलाम करते है|

पढ़ें : Nick Vujicic जिसने बिना हाथ पैरों के जीती है, ज़िंदगी की जंग 

 

Inspirational Video of Dhaval Khatri – Live Painting

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HAPPYHINDI

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13 thoughts on “नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते – Story of Dhaval Khatri, “An Artist Without Hands””

  1. ये कहानी पढ़ कर मै बहुत motivate huwa hu और धवल के चित्रकारी से अचंभित भी हूँ. भगवन ने जब पूरा पूर्ण शरीर हमें दिया है तब भी हम उसे कोसते रहते है. अपनी क्षमताओं को पहचाने और खुद को किसी से कम न समझे. जब ये लोग सफल हो सकते है तो मै क्यों नहीं.

    Thanks HappyHindi for such great information.

  2. hari annt hari ktha annta
    parmatma ak hibhagwan k annt rup hi aur annt rupo ki annt prakar kthay hi annt prakar mahtmao ne anek prakar se unke guno ka bakhan krte hi
    ydi koyi karya manusy se na ho tab samah lena chaiye ki age ka kam parmatma ki karne ki bari hi
    jab manusya ka apna mastiks ya
    vichar ka ant hota hi tab se daivi sakti ka prarambh hota hi

  3. Ye Shikh Hai Un Sab Ke Liye Jinke Hath Pair Hote Hue Bhi Har Man Lete Hai
    Very Inspiretion Story Dhaval Khatri
    I Salute For Dhaval Khatri
    Thankx

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